दिवाली की की रोशनी में अंधेरे से जूझते भू स्थापित परिवार न्याय की मांग में छलक पड़े आंसू
Samachar Chhattisgarh Korba.कोरबा। एक ओर जहां पूरा देश दीपावली की रोशनी में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी ओर कोरबा जिले के सीसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के सामने कुछ विस्थापित परिवारों के चेहरों पर दर्द और निराशा की छाया देखी जा सकती है। ये परिवार पिछले 22 वर्षों से अपनी अधिग्रहित जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। दिवाली के अवसर पर भी इन ग्रामीणों ने अपने दुख और बेबसी को आवाज देने के लिए भूख हड़ताल का रास्ता चुना है। भूख हड़ताल पर बैठी एक महिला की आंखों से बहते आंसू उसे दर्द की कहानी का बयान कर रहे थे जिसे शब्दों में कहना मुश्किल है भावुक खोकर उन्होंने कहा हमारे घरों में ना तेल है ना मिठाई बच्चों की पढ़ाई भी छूट चुकी है कोई हमारी सुनने वाला नहीं है अब हम थक चुके हैं में ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो वे सीसीएल गेट के सामने ही धरने पर बैठे रहेंगे धरने पर बैठे ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इतने सालों में कई बार आवेदन और ज्ञापन सौंप लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ जल्द समाधान होगा जैसे वादों से टाल दिया गया अब वह अंतिम उम्मीद के साथ भूख हड़ताल पर है दिवाली के इस पावन अवसर पर जहां शहर दीपों से जगमगा रहा है वहीं इन स्थापित तो परिवारों के घरों में अंधकार और सन्नाटा पसरा हुआ है नदी पर जले हैं ना मिठाइयां बनी है बस न्याय की एक छोटी सी उम्मीद है जो अब भी उनके दिलों में टिमटिम रही है



















