रक्षाबंधन : 102 साल बाद बिना भद्रा के त्योहार, बहनें पूरे दिन बांध सकेंगी राखी
Samachar Chhattisgarh Korba.रक्षाबंधन का त्योहार आज मनाया जाएगा। खास बात यह है कि 102 साल बाद यह पर्व बिना भद्रा के मनाया जाएगा, जिससे बहनें पूरे दिन भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। यह संयोग इसे और भी अलौकिक और पावन बना रहा है। पंडितों के अनुसार, रक्षाबंधन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है और जब पूर्णिमा तीन मुहूर्त या उससे अधिक व्यापिनी हो और भद्रा न हो, तब ये पर्व अपराह्न और प्रदोष काल में मनाया जाता है।
इस बार पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त दोपहर 2:13 बजे शुरू होकर 9 अगस्त दोपहर 1:25 बजे तक रहेगी, जबकि भद्रा काल 8 अगस्त दोपहर 2:13 से 9 अगस्त रात 1:49 बजे तक रहेगा। इसका मतलब है कि 9 अगस्त सूर्योदय के बाद पूरा दिन भद्रा-मुक्त
राखी बांधने का सबसे सबसे शुभ समय
पंडितों के मुताबिकराखी बांधने का सबसे शुभ समय दोपहर 1:52 बजे से 4:33 बजे तक रहेगा। हालांकि, राहुकाल (सुबह 9:00 से 10:30) को छोड़कर पूरा दिन शुभ है। शनि की होड़ा और सिंह लगन में सुबह साढ़े 5 बजे से एक घंटे तक प्रातःकाल भी राखी बांधना शुभ रहेगा। भद्रा न होने के कारण उन बहनों को राहत मिलेगी जिन्हें दूसरे शहरों या गांवों से यात्रा करके भाइयों के पास पहुंचना होता है। वे बिना किसी मुहूर्त की चिंता के दिनभर राखी बांध सकेंगी।
योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है, जो 297 साल बाद बन रहा है। यह पर्व इस बार ब्रह्मा और विष्णु की साक्षी में मनाया जाएगा।




















