जनजातीय गौरव महोत्सव भैसमा महाविद्यालय में धूमधाम से आयोजित
मुख्य अतिथि रघुराज सिंह उइके ने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर दिया जोर
Samachar Chhattisgarh.हरदीबाजार। स्व. प्यारे लाल कंवर शासकीय महाविद्यालय भैसमा में मंगलवार को जनजातीय गौरव महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। महाविद्यालय सभागार में सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत की शानदार झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वनवासी कल्याण आश्रम कोरबा के अध्यक्ष रघुराज सिंह उइके ने अपने संबोधन में जनजातीय समाज की गौरवशाली संस्कृति और उनकी पहचान को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर विस्तृत प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की परंपराएँ हमारी सभ्यता की मूल धारा हैं जिन्हें आगे बढ़ाना समय की मांग है
वहीं विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के लोक कला आयाम प्रमुख वीरबल सिंह ने जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने की महाविद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं
कार्यक्रम का सफल संचालन जनजाति सुरक्षा मंच कोरबा के संयोजक पुष्पराज सिंह ठाकुर और वनवासी कल्याण आश्रम कोरबा के सचिव दीपक सिंह ने किया उन्होंने बताया कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर को आगे की पीढ़ियों तक पहुँचाना है
महोत्सव में छात्रों द्वारा पारंपरिक नृत्य लोकगीत गीत संगीत और जनजातीय विरासत पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया पूरे सभागार में उत्साह रंग बिरंगी परंपराएँ और सांस्कृतिक विविधता की अद्भुत छटा बिखरी नजर आई
इस अवसर पर केएल टंडन जेएल चौहान पीके लहरें अनुराधा तिर्की श्वेता शुक्ला राजू कंवर एवं जितेंद्र कंवर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे
कार्यक्रम की सफलता में संयोजक कलेसतुस टोप्पो सह संयोजक रविंद्र कुमार मंच संचालन दीपेश कुमार और प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. साधना खरे का विशेष योगदान रहा
समापन में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय परंपराओं को और सशक्त बनाने का प्रयास जारी रहेगा
महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह महोत्सव जनजातीय गौरव सांस्कृतिक सम्मान और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ




















