कोरबा मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में सीवरेज की समस्या से लोग बेहाल, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी — संक्रमण का खतरा बढ़ा
कोरबा।
Samachar Chhattisgarh Korba.कोरबा जिले के मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में सीवरेज लाइन की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। सीवरेज लाइन जाम होने के कारण उसका गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आसपास के रहवासी और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगातार फैल रही बदबू से माहौल असहनीय हो गया है और संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे इस समस्या से जूझ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के आसपास हर दिन सैकड़ों मरीज और उनके परिजन आते-जाते हैं, लेकिन सड़कों पर बहते गंदे पानी के कारण मरीजों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सीवरेज लाइन ऊँचाई पर, सड़क नीची — यही है मूल समस्या : आयुक्त
इस विषय में जब मीडिया ने नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे से चर्चा की, तो उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र की सीवरेज लाइन सड़क की सतह से काफी ऊँचाई पर बनी हुई है, जबकि सड़क का स्तर नीचे है। यही कारण है कि सीवरेज लाइन में दबाव बढ़ने पर गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है।
आयुक्त ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कोरबा कलेक्टर को दे दी गई है। साथ ही, क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम का विकास अधूरा है, जिससे पानी का निकास नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर की सहमति से इस क्षेत्र में नए सीवरेज नेटवर्क की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
डीएमएफ फंड से 1.93 करोड़ का नया सीवरेज प्रोजेक्ट, शासन से 2 करोड़ की स्वीकृति भी
आयुक्त पांडे ने जानकारी दी कि डीएमएफ फंड से 1 करोड़ 93 लाख रुपए की लागत से एक नई सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसे मुख्य लाइन से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, मुख्य नाली के विस्तार व मरम्मत कार्य के लिए शासन से 2 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया में है और 15 से 20 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ठेकेदार को निर्देश दिए जाएंगे कि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे ताकि लोगों को राहत मिल सके।
हमारी स्वच्छता टीम लगातार मौके पर निगरानी कर रही है। मशीनों के जरिए सीवरेज का गंदा पानी खींचा जा रहा है ताकि सड़क पर न फैले। स्थायी समाधान के लिए नया सीवरेज नेटवर्क तैयार किया जा रहा है,”
आशुतोष पांडे, आयुक्त, नगर निगम कोरबा
फिलहाल सफाई अभियान जारी, लोगों ने जताई स्थायी समाधान की मांग
वर्तमान में नगर निगम की स्वच्छता टीम मौके पर तैनात है। मशीनों की मदद से सीवरेज का गंदा पानी निकालकर सड़कों की सफाई की जा रही है। लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल अस्थायी उपाय है — स्थायी समाधान तभी होगा जब पूरी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया जाएगा।
लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील संस्थान के पास इस तरह की स्थिति शहर की छवि पर नकारात्मक असर डालती है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इससे मरीजों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।




















