किसानों का आत्महत्या के लिए मजबूर होना दुर्भाग्य जनक,
भूमि संबंधी मामलों के लिए विशेष काउंटर खोले प्रशासन सभापति नूतन सिंह राजपूत
Samachar Chhattisgarh Korba.कोरबा जिले में लगातार दूसरी बार किसान द्वारा जहर पीकर जान देने की कोशिश किया जाना दुर्भाग्यजनक है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए उनको धान का समर्थन मूल्य को बढ़ाते है 3100 रुपए देने का निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य किसानों का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है लेकिन अधिकारियों की लापरवाहियों के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वे मजबूर होकर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। आदिवासी बहुल कोरबा जिले में जमीन के नामांतरण , बंटवारा, रिकॉर्ड दुरुस्ती के सैकड़ों मामले तहसील न्यायालयों में लंबित है। कोरबा की जनता ने सिर्फ गांव में बल्कि शहरों में भी अपने जमीन संबंधी विवाद के कारण लगातार भारी परेशानी झेल रहे हैं। धान खरीदी के इस मौसम में रकबा कम होने की घटना के कारण किसानों को हो रही परेशानी अत्यंत दुखद बात है। जिला कलेक्टर कोरबा को रिकॉर्ड दुरुस्ती, भूमि विवाद के मामलों में निपटारा के लिए सभी तहसीलों में सुविधा केन्द्र चालू करें जहां ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए विवादों का निपटारा किया जाना चाहिए। कोरबा में जहर पीकर जान देने की कोशिश के दोनों मामलों की कोरबा कलेक्टर जांच करायें तथा इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करें।




















